पनाह संस्था

निशान्त मिश्रा
(प्रबन्धक)
पनाह सिर्फ एक नाम नही बल्कि समाज सेवा विचार है,पनाह NGO का निर्माण 23 जनवरी 2003-04 को किया गया था, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि 23 जनवरी को सुभाष चन्द्र बोस जी की जयन्ती होती है, और इस दिन को इसीलिए चुना गया कि जिस तरह से उन्होने देश के लिए और समाज के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया था उसी प्रकार से संस्था से जुडने वाले हर व्यक्ति में अपने आप को समाज के प्रति समर्पित करने की उत्सुक्ता होनी चाहिए, संस्ता मददगार है असहाय व कमजोर लोगो के लिए। इस स्वस्थ समाज का निर्माण करने के लिए संस्था सदैव तत्पर रहेगी।

प्रीती वर्मा
(अध्यक्ष)
समाज में व्यंग पर आधारित जो दिखता है वही बिकता है के आधार पर समाज में गरीब दिखने वाले लोगों को उनके पहनावे में सुधार के प्रति प्रेरित करना जिससे अन्य मंशा रखने वाले लोग पहनावे-दिखावे से किसी भी व्यक्ति के प्रति अनुमान न लगाये।

शिप्रा भदौरिया
(कोषाध्यक्ष)
निर्बल/गरीब असहाय महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना जिससे कि अपने अधिकार एंव समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही प्रकार से करते हुए एक सभ्य एवं शिक्षित समाज का निर्माण किया ज ा सके।

प्रमोद बाजपेई (सदस्य)
निर्बल व्यक्तियों को स्वावलम्बी बनाने हेतु उनको सही मार्गदर्शन प्रदान करना जिससे कि गरीब असहाय व्यक्ति भी स्वय रोजगार कर सकें, एवं अपनी जरूरतोंं को पूर्ण करने के लिए उसे समाज में किसी पर निर्भर न होकर स्वयं आत्मविश्वास से अपने परिवार का पोषण कर सके।

अल्का गुप्ता (सदस्य)
समाज में व्यंग पर आधारित जो दिखता है वही बिकता है के आधार पर समाज में गरीब दिखने वाले लोगों को उनके पहनावे में सुधार के प्रति प्रेरित करना जिससे अन्य मंशा रखने वाले लोग पहनावे-दिखावे से किसी भी व्यक्ति के प्रति अनुमान न लगाये।

डा0 लता मिश्रा
निर्बल/गरीब असहाय महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना जिससे कि अपने अधिकार एंव समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही प्रकार से करते हुए एक सभ्य एवं शिक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।